Kisan Protest: गर्जना रैली में बोले किसान- मांगें नहीं मानी गईं तो सरकार को भुगतना पड़ेगा इसका खामियाजा

Kisan Garjana Rally latest Update : सोमवार यानी 19 दिसंबर से दिल्ली के रामलीला मैदान में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने गर्जाना रैली निकाली है।

इस रैली के तहत किसान विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस रैली में अब तक राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और कई अन्य राज्यों के 50 हजार से अधिक किसान एकजुट हो चुके हैं, यह संख्या दिन-ब-दिन बढ़ने की उम्मीद है।

इस रैली में हजारों की संख्या में महिला किसानों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया और इस दौरान नारा बुलंद किया, नारी शक्ति जगेगी, सब समस्याएं भागेंगी।

रैली में मौजूद किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो यह विरोध और तेज होगा और सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े किसान संगठन भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने सोमवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों की स्थिति सुधारने के साथ-साथ उनकी कई मांगों को लेकर किसान गर्जना रैली की।

रामलीला मैदान में आज भी हजारों किसान मौजूद हैं. प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय पर उनकी मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और केंद्र सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

इस दौरान मंच पर मौजूद किसानों ने केंद्र सरकार से कुछ मांगों को पूरा करने की गुहार लगाते हुए कहा कि हम अपना हक मांग रहे हैं, किसी से भीख नहीं मांग रहे हैं।

भारतीय किसान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मंच से कहा है कि अगर केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो सरकार पर संकट के बादल गहराने तय हैं।

भारतीय किसान संघ ने धरने के दौरान कहा कि फल, सब्जी, अनाज, दूध देने वाले किसान आज अपनी कृषि उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से बहुत निराश और परेशान हैं और इस वजह से वे आत्महत्या करने को मजबूर हैं।

किसानों ने सरकार से यह भी मांग की है कि लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य लागू करने के साथ-साथ सरकार यह भी सुनिश्चित करे कि किसानों को यह कीमत आसानी से मिल सके।

किसानों की प्रमुख मांगें

  • सभी कृषि उपज के लिए उचित मूल्य भुगतान।
  • कृषि आदानों पर जीएसटी समाप्त किया जाना चाहिए।
  • किसान सम्मान निधि में पर्याप्त वृद्धि की जाए।
  • जीएम फसलों की अनुमति वापस ली जाए।

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