प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तारीख बढ़ी, गाइडलाइन के साथ जानें कैसे करें आवेदन

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Rabi 2022-23 Ki Jankari Hindi Me : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2022-23 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं इस योजना का लाभ लेने के लिए आप 31 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा जिले में कृषि बीमा कंपनी का चयन किया गया है। कृषि उपसंचालक आरपीएस नायक ने किसानों से अनुरोध किया है कि, जिस बैंक से उनका किसान क्रेडिट कार्ड जारी हुआ है, वहां जाकर फसल बुवाई का प्रमाण पत्र व पटवारी निर्वाचन क्षेत्र की जानकारी अपडेट कराएं।

PMFBY अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें

उप निदेशक कृषि आईपीएस नायक ने कर्जदार व डिफाल्टर किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने का आग्रह किया है. बल्कि जितनी जल्दी हो सके अपनी नजदीकी बैंक शाखा में फॉर्म जमा करें। ताकि इस योजना का लाभ उठाकर फसलों का बीमा कराया जा सके।

PMFBY दस्तावेज लेकर बैंक पहुंचे

फसल बीमा कराने के लिए बीमा प्रस्ताव पत्र, भू-अधिकार पुस्तिका की फोटोकॉपी, बुवाई का प्रमाण पत्र संबंधित (पटवारी या पंचायत सचिव) से प्राप्त करें।

आधार कार्ड (अनिवार्य), वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि की फोटोकॉपी और बैंक पासबुक में से कोई एक लेकर बैंक पहुंचें और योजना का लाभ उठाएं।

PMFBY किसानों से बीमा कराने की अपील

कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल का अनिवार्य रूप से बीमा करा लें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार के नुकसान की भरपाई की जा सके।

PMFBY 35 हजार से ज्यादा की रकम मिल सकती है

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी छोटे किसान के पास एक हेक्टेयर जमीन भी है और उसकी पूरी फसल किसी कारण से नष्ट हो जाती है तो किसान को गेहूं और चना में प्रति हेक्टेयर 35,600 रुपये का मुआवजा मिल सकता है।

PMFBY Highlights

योजना का नाम Pradhanmantri Fasal Bima Yojana
विभाग मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर
लाभार्थी देश के किसान
ऑनलाइन आवेदन के आरंभ तिथि आरंभ है
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022
उद्देश्य देश के किसानों को सशक्त बनाना
सहायता राशि ₹200000 तक का बीमा
योजना का प्रकार केंद्र सरकार की योजना
आधिकारिक वेबसाइट https://pmfby.gov.in

इसके अलावा यदि किसान की फसल का कुछ प्रतिशत नुकसान होता है तो इस मूल्य से मुआवजा दिया जाएगा। इसलिए यह योजना किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है किसानो को इसका लाभ अवश्य लेना चाहिए।

PMFBY के अंतर्गत किसानों की कवरेज

  • सभी किसान इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
  • जिसमें अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों को उगाने वाले बटाईदार एवं किश्तकार किसान भी शामिल हैं।
  • परंतु बीमित फसलों और भूमि के लिए किसानों का बीमा योग्य होना अनिवार्य है।
  • सभी किसानों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे।
  • बटाईदार एवं किराएदार किसानों की स्थिति किसानों को अनिवार्य रूप से अपनी आधार संख्या एवं बोई गई फसल के बारे में घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।

PMFBY : प्रीमियम राशि

फसल प्रीमियम राशि
धान 713.99 रुपए प्रति एकड़
मक्का 356.99 रुपए प्रति एकड़
बाजरा 335.99 रुपए प्रति एकड़
कपास 1732.50 रुपए प्रति एकड़
गेहूं 409.50 रुपए प्रति एकड़
जौ 267.75 रुपए प्रति एकड़
चना 204.75 रुपए प्रति एकड़
सरसो 275.63 रुपए प्रति एकड़
सूरजमुखी 267.75 रुपए प्रति एकड़

PMFBY के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली रकम

फसल बीमित राशि
धान 35699.78 रुपया प्रति एकड़
मक्का 17849.89 रुपया प्रति एकड़
बाजरा 16799.33 रुपया प्रति एकड़
कपास 34650.02 रुपया प्रति एकड़
गेहूं 27300.12 रुपया प्रति एकड़
जौ 17849.89 रुपया प्रति एकड़
चना 13650.06 रुपया प्रति एकड़
सरसो 18375.17 रुपया प्रति एकड़
सूरजमुखी 17849.89 रुपया प्रति एकड़

PMFBY प्रति हेक्टेयर बीमित राशि

फसल का नाम प्रति हेक्टेयर बीमित राशि
गेहूं Rs 67460
जौ Rs 44108
सरसों Rs 45405
चने Rs 33730
सूरजमुखी Rs 44108

PMFBY के अंतर्गत क्रॉप

  • फूड क्रॉप
  • ऑयल सीड्स
  • एनुअल कमर्शियल/एनुअल हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स
  • परेनियल हॉर्टिकल्चर/कमर्शियल क्रॉप्स

PMFBY रिस्क कवरेज

  • इस योजना के अंतर्गत बेसिक कवर किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रदान किया जाएगा।
  • बेसिक कवरेज के अलावा इस योजना के अंतर्गत ऐडऑन कवरेज का विकल्प भी चुना जा सकता है जिसमें निम्नलिखित कवरेज शामिल की गई है।
    • प्रिंटेड सोइंग/प्लांटिंग/जर्मिनेशन रिस्क
    • मिड सीजन एडवर्सिटी
    • पोस्ट हार्वेस्ट लॉसेस
    • लोकल कैलेमिटीज
    • वाइल्ड एनिमल अटैक

PMFBY Scheme Crops & Premium

क्र. फसल किसान द्वारा देय बीमा राशि का प्रतिशत
1 खरीफ 2.0%
2 रबी 1.5%
3 वार्षिक वाणिज्यिक एवं बागवानी फसले 5%

PMFBY गतिविधि कैलेंडर

गतिविधि कैलेंडर खरीफ रबी
अनिवार्य आधार पर लोनी किसानों के लिए स्वीकृत ऋण। अप्रैल से जुलाई तक अक्टूबर से दिसम्बर तक
किसानों के प्रस्तावों की प्राप्ति के लिए कट ऑफ़ तारीख (ऋणदाता और गैर-ऋणदाता)। 31 जुलाई 31 दिसम्बर
उपज डेेटा प्राप्त करने के लिये कट आफ तारीख अतिंम फसल के एक महीने के भीतर अतिंम फसल के एक महीने के भीतर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की विशेषताएं

  • पीएम फसल बीमा योजना के माध्यम से प्राकृतिक कारणों से फसल को हुए नुकसान पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • इस योजना के माध्यम से किसानों की आय में स्थिरता आती है और उन्हें नई प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • प्रमुख फसलों की अधिसूचित बीमा इकाइयों को कम कर दिया गया है।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बीमांकिक/बोली प्रीमियम दर पर संचालित की जा रही है।
  • इस योजना के तहत छोटे किसानों को खरीफ पर अधिकतम 2%, रबी और तिलहनी फसलों पर 1.5% और वाणिज्यिक या बागवानी फसलों पर 5% प्रीमियम देना होगा।
  • इसके अलावा यदि किसान को अधिक प्रीमियम देना पड़ता है तो उसकी 50% राशि राज्य सरकार और 50% केंद्र सरकार वहन करेगी।
  • उत्तर पूर्वी राज्यों के मामले में, 90% राशि केंद्र सरकार द्वारा और 10% राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
  • किसान द्वारा देय प्रीमियम और बीमा शुल्क की दर के बीच के अंतर को सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाएगा।
  • ऋणी एवं अऋणी कृषकों को सामान्य बीमा राशि का भुगतान करना होगा।
  • सरकार द्वारा प्रीमियम पर कैपिंग का प्रावधान हटा दिया गया है जिससे बीमा राशि कम हो गई है।
  • इस योजना के तहत रोकी गई बुवाई के लिए बीमित राशि का 25% तक दावा करने का प्रावधान है।
  • यदि बीमित इकाई में फसल का नुकसान 50% से अधिक बताया जाता है, तो मध्यम मौसम की प्रतिकूलता के कारण बीमित राशि का 25% तक भुगतान किया जाएगा।
  • शेष दावा राशि फसल कटाई प्रयोगों के डाटा के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • दावों के त्वरित निपटान के लिए फसल क्षति का आकलन करने के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक, स्मार्टफोन और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।
  • योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए फसल बीमा पोर्टल भी विकसित किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से दावा राशि सीधे किसान के खाते में जमा की जाती है।
  • सरकार द्वारा सभी एचआईटी धारकों के बीच योजना के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाता है।

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