Taiwanese Watermelon | ताइवानी तरबूज और खरबूजे की खेती ने 4 महीने में कमाए 60 लाख, जानिए खेती करने का तरीका

Taiwanese Watermelon | आजकल भारतीय किसान ताइवान के तरबूज और खरबूजे की खेती कर रहे हैं। बिहार के कैमूर में रहने वाले किसान ताइवानी फलों की खेती कर महज तीन से चार महीने में 50 से 60 लाख रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं. आज के इस लेख में हम जानेंगे कि ताइवानी तरबूज और खरबूजे से कैसे लाखों की कमाई की जा सकती है।

ताइवानी फल विशेषता

ताइवान के तरबूज और खरबूजे का स्वाद बहुत मीठा होता है। इसमें ढेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत फायदेमंद है। इनके सेवन से पाचन क्रिया अच्छी रहती है और ये फल ब्लड प्रेशर की समस्या को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

इनके इस्तेमाल से त्वचा स्वस्थ रहती है। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता में काफी सुधार होता है। इसके अलावा इसकी शेल्फ लाइफ ज्यादा होती है, यानी यह ज्यादा समय तक खराब नहीं होती। इसलिए बाजार में इनकी काफी डिमांड है।

खेती में लागत और लाभ

एक एकड़ में ताइवानी तरबूज और खरबूजे की खेती करने में करीब 1 लाख रुपए का खर्च आता है। बाजार में एक फल की कीमत 30 से 70 रुपये तक है। ऐसे में प्रति एकड़ जमीन से करीब 3 से 4 लाख की कमाई हो जाती है।

खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

ताइवान में तरबूज-तरबूज की खेती के लिए रेतीली और बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। मिट्टी की निकासी होना अनिवार्य है।

उपयुक्त जलवायु

इन फलों की खेती के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों की जलवायु काफी उपयुक्त है।

बीज कहाँ से लाएँ

कई किसान इसके बीज सीधे ताइवान से मंगवा रहे हैं। इसके बीज की कीमत एक लाख रुपए प्रति किलो तक है।

बुवाई का सही समय

ताइवान में तरबूज और खरबूजे की खेती जनवरी के आखिरी महीने या फरवरी की शुरुआत में की जाती है।

खेत की तैयारी

ताइवानी फलों की बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर लें। खेत में पानी की मात्रा न तो अधिक होनी चाहिए और न ही कम। मिट्टी में गाय का गोबर और अन्य जैविक खाद मिलाकर पोषक तत्वों की कमी को पूरा करें। इसकी खेती फसल आच्छादन विधि से की जा सकती है और समय से पहले कटाई की जा सकती है।

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